सरकारी प्रयोजन के लिए ग्राम पंचायत के पास जमीन नहीं। निजी जमीनों के भाव आसमान पर , सरकारी जमीन पर अतिक्रमण। आमजन हो रहा है परेशान । ग्राम पंचायत ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र।
सरकारी प्रयोजन के लिए ग्राम पंचायत के पास जमीन नहीं। निजी जमीनों के भाव आसमान पर , सरकारी जमीन पर अतिक्रमण। आमजन हो रहा है परेशान । ग्राम पंचायत ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र।
सरकारी प्रयोजन के लिए ग्राम पंचायत के पास जमीन नहीं।
निजी जमीनों के भाव आसमान पर , सरकारी जमीन पर अतिक्रमण। आमजन हो रहा है परेशान ।
ग्राम पंचायत ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र।
रायला। बनेड़ा पंचायत समिति की सबसे बड़ी पंचायत रायला में ग्राम पंचायत के पास विभिन्न सरकारी योजनाओं की पूर्ति के लिए ग्राम पंचायत के पास कोई जमीन नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री महोदय के आदेशानुसार 2 अक्टूबर 2024 को घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु के 40 परिवारों को निशुल्क भूखंड आवंटन किया जाना था। ग्राम पंचायत के पास आबादी भूमि नहीं होने के कारण इन 40 घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु परिवारों को आबादी भूमि नहीं होने के कारण निशुल्क भूखंड उपलब्ध नहीं कराये जा सके। उच्च अधिकारियों को ग्राम पंचायत को आबादी भूमि आवंटित करने की मांग सरपंच गीता देवी जाट ने की थी लेकिन अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की जिस वजह से घुमंतु अर्ध घुमंतु 40 परिवारों को निशुल्क भूखंड के पट्टे जारी नहीं किया जा सके। सरकारी मनसा की पूर्ति नहीं हो सकी। हाल ही में राजस्थान सरकार के द्वारा रायला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बजट में घोषणा की गई। सामुदायिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान सरकार ने ग्राम पंचायत से 10000 वर्ग मीटर की जमीन की आवश्यकता जताई गई है लेकिन ग्राम पंचायत के पास 4 किलोमीटर के दायरे में मौके की जगह उपलब्ध नहीं है। इसी तरह से यदि राज्य सरकार रोडवेज डिपो खोलने की घोषणा कर देती है तो ग्राम पंचायत के पास रोडवेज डिपो खोलने के लिए भी जगह उपलब्ध नहीं है। बस स्टैंड के लिए तहसील के पीछे की आराजी नंबर 3999/1002 को रोडवेज डिपो के लिए आरक्षित करने की मांग जिला कलेक्टर से की गई। भविष्य में रायला ग्राम पंचायत को राज्य सरकार नगर पालिका घोषित करती है तो जमीन उपलब्ध नहीं है। ग्राम पंचायत रायला के सरपंच गीता देवी जाट ने वर्षों से बंद पड़े अशोका टॉकीज की जमीन आराजी नंबर 416/ 2376,4157/2385,4184/2385,,2385 की लीज निरस्त कर सरकारी प्रयोजनार्थ आरक्षित की जाए। ये दोनों सरकारी भूमि आबादी क्षेत्र के बीच स्थित है। सरकारी प्रयोजनार्थ जमीन आवंटन करने बाबत जिला कलेक्टर महोदय को लिखा गया है। हालांकि पीडब्लूडी, नेशनल हाई वे, रेलवे, तहसील और ग्राम पंचायत की जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। जिस पर अधिकारियों के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं निजी जमीनों के मालिकों ने वर्षों पूर्व ही फर्जी फर्म/सोसाइटी बनाकर कौड़ियों के दामों में सैकड़ो बीघा जमीन कब्जे में ले रखी है। इस इन जमीनों पर कोई औद्योगिक इकाइयां नहीं चल रही है। चल रही है तो सिर्फ कागजों में। ऐसी संस्थाओं सोसायटियों के द्वारा जमीन₹10000 वर्ग फुट की रेट से विक्रय की जा रही है। लेकिन रजिस्ट्रियां सिर्फ डीएलसी रेट पर की जा रही है। जिससे राज्य सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है । वही जमीनों के ब्लैक रेट आसमान छू रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ लोगों के पास आए विदेशी पैसों को रायला क्षेत्र की जमीनों को खरीदने में खपाया जा रहा है और उसी का खपाए गया पैसे की 10 गुणा वसूली करने के लिए जमीनों के सौदागरों के द्वारा सरकारी नियमों को ताक में रख कॉलोनियां बना , प्लॉट काट कर बेचे जा रहे हैं। जो जिसमें जमीन के सौदागर चंद दिनों में ही करोड़ों के मालिक बन गए और नौकरी पैसा लोग इन सौदागरों के सामने बौने साबित हो रहे हैं। सरकारी परियोजनाओ के लिए ग्राम पंचायत के पास जमीन की उपलब्धता नहीं है। ग्राम पंचायत के के सरपंच ने उपखंड अधिकारी, जिला कलेक्टर,विधायक को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत को आवश्यक जमीन आवंटित एवं आरक्षित करने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि सरकारी भूमि पर काबिज अवैध अतिक्रमणकारियों को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त की जाए। नियम विरुद्ध बनने वाली कॉलोनियों पर कार्यवाही की जाए।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0