महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ राजसखी मेला
महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ राजसखी मेला
सात दिवसीय राजीविका राजसखी मेला संपन्न
महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ राजसखी मेला
भीलवाड़ा । जिले में आयोजित सात दिवसीय राजीविका राजसखी मेला 2025 का आज भव्य समापन हुआ। इस मेले का आयोजन महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्द्धन और स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था। समापन समारोह में जिले के कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रतिभा देवठिया मौजूद रहीं। उनके साथ ही कोषाध्यक्ष टीना रोलानिया, लोक अभियोजक रघुनंदन सिंह कानावत, गोपाल डाड, भगवान सिंह राणावत, सुनील पारीक, स्वीटी लालवानी, जिला परियोजना प्रबंधक नागेंद्र तोलंबिया, प्रदेश अध्यक्ष कार्मिक संगठन अमित जोशी और जिला प्रबंधक राजीविका रामप्रसाद शर्मा भी समारोह में उपस्थित रहे।
समापन दिवस पर विभिन्न खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उत्साहजनक रही। कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला आसिंद और बदनोर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच खेला गया, जिसमें बदनोर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। इसके अलावा, संगीत कुर्सी प्रतियोगिता में दोनों ब्लॉकों की महिलाओं ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। सात दिनों तक चले इस मेले के दौरान आयोजित कबड्डी लीग, मटका दौड़, संगीत कुर्सी और अन्य प्रतियोगिताओं के सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया।संगीत कला केंद्र से कुमकुम तिवारी और अंशी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य की प्रस्तुति दी।
मेले के सफल आयोजन में राजीविका के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके अथक प्रयासों के कारण यह कार्यक्रम सफल हो पाया। समापन समारोह में सभी कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई।
समारोह में विभिन्न वक्ताओं ने महिलाओं के उत्थान और उनके अधिकारों को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्य अतिथि प्रतिभा देवठिया ने विभिन्न महिला योजनाओं की जानकारी दी और महिलाओं को इनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। लोक अभियोजक रघुनंदन सिंह कानावत ने महिला उत्पीड़न और उसके रोकथाम से जुड़े कानूनों पर विस्तार से चर्चा की, जिससे महिलाओं में जागरूकता बढ़ सके। प्रदेश अध्यक्ष अमित जोशी ने राजीविका की भूमिका और इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संगठन किस प्रकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
यह मेला महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। मेला संयोजक गोविन्द सिंह ने बताया की इस मेले में 30 लाख से अधिक का व्यापार महिलाओं ने किया। इस आयोजन ने न केवल स्व-सहायता समूहों को अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने राजीविका द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजीविका भीलवाड़ा की ओर से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और कर्मचारियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
मेले को सफल प्रबंधन में सुधांशी सिंह, गार्गी भंडारी, गौरव यादव, सोनी मेहर, विकास शर्मा, मुकेश भील, रिंकू मीणा, प्रदीप सैनी, दुर्गेश लक्षकर, जय प्रकाश, राजेश सैनी, मुकुट बिहारी सेन, अरविन्द मेघवंशी, सुमन मीणा ने अहम भूमिका निभा
ई।
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